वेद एवं भारतीय संस्कृति का संरक्षण और अध्ययन
↗परंपरा का सम्मान,
समाज के साथ सेवा
वेद एवं भारतीय संस्कृति के संरक्षण, सामाजिक जागरूकता और जनकल्याण के उद्देश्य से समर्पित।
परंपरा से प्रेरित,
समाज के लिए प्रतिबद्ध
अखिल भारतीय वैदिक धर्म संरक्षक समिति वेद एवं भारतीय संस्कृति के संरक्षण, सामाजिक जागरूकता और जनकल्याण के उद्देश्यों के साथ कार्य करती है। समिति के बारे में विस्तृत तथा स्वीकृत जानकारी प्रकाशित होने पर इस परिचय को CMS से अपडेट किया जा सकता है।
हमारे बारे में पढ़ें ↗उद्देश्य और प्रतिबद्धताएँ
धर्म एवं सामाजिक जागरूकता को प्रोत्साहित करना
↗जनकल्याण, नागरिक सहायता और सामाजिक सेवा कार्यक्रम
↗शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और जनहित के विषयों पर जागरूकता
↗सामाजिक सद्भाव, शांति और विश्वास को बढ़ावा देना
↗स्थानीय स्तर पर सेवा कार्यों का समन्वय
↗स्थानीय जुड़ाव से
व्यापक समन्वय तक
समिति की संगठनात्मक संरचना में ग्यारह स्तर हैं। अधिकृत इकाइयों और पदाधिकारियों का विवरण उपलब्ध होने पर ही प्रकाशित किया जाएगा।
संरचना देखें ↗राष्ट्रीय · राज्य · मंडल · जिला · तहसील · ब्लॉक · ग्राम एवं नगर इकाइयाँ
समाज के साथ सार्थक जुड़ाव
जागरूकता
धर्म, शिक्षा और जनहित के विषयों पर जागरूकता को प्रोत्साहित करना।
सामाजिक सेवा
जनकल्याण और नागरिक सहायता से जुड़े सेवा प्रयासों का समन्वय।
सांस्कृतिक संरक्षण
वेद एवं भारतीय संस्कृति के अध्ययन और संरक्षण के उद्देश्य को आगे बढ़ाना।
प्रतिनिधि दृश्य
नीचे दी गई Wikimedia Commons तस्वीरें सांस्कृतिक धरोहर और स्वयंसेवा के उदाहरण हैं; ये समिति के अपने कार्यक्रमों की तस्वीरें नहीं हैं।



फोटो गैलरी
आधिकारिक फोटो एल्बम की प्रतीक्षा
प्रामाणिक गतिविधि तस्वीरें Admin CMS से प्रकाशित होने पर इस स्थान पर दिखेंगी।
सहभागिता की शुरुआत
सदस्यता आवेदन से
आवेदन समिति की समीक्षा के लिए जमा होगा। स्वीकृति और आगे की प्रक्रिया की जानकारी समिति द्वारा दी जाएगी।